Thursday, 31 January 2019

Forex Market : रुपये में भारी तेजी के साथ शुरुआत

विदेशी मुद्रा बाजार (Forex Market) में डॉलर (dollar) के मुकाबले गुरुवार को रुपया (Rupee) गुरुवार को भारी तेजी के साथ खुला। आज रुपया 23 पैसे की मजबूती के साथ 70.89 रुपये के स्तर पर खुला। रुपये में शुरुआती इतनी तेजी कई दिनों बाद दर्ज की गई है। इससे पहले रुपया मंगलवार को 1 पैस की मामूली गिरावट के साथ 71.12 रुपये के स्तर पर बंद हुआ था।
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विदेशी मुद्रा बाजार (Forex Market) में पिछले 10 दिनों की चाल
  -बुधवार को डॉलर के मुकाबल रुपया 1 पैसे घटकर 71.12 के स्तर पर बंद हुआ।
 -मंगलवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 1 पैसे की कमजोरी के साथ 71.11 के स्तर पर बंद हुआ।
 -सोमवार को रुपया (Rupee) डॉलर के मुकाबले 8 पैसे बढ़कर 71.10 के स्तर पर बंद हुआ है। 
-शुक्रवार को रुपया (Rupee) डॉलर (dollar) के मुकाबले 11 पैसे टूटकर 71.18 के स्तर पर बंद हुआ है।
 -गुरुवार को रुपया (Rupee) 27 पैसे बढ़कर 71.07 के स्तर पर बंद हुआ। 
-बुधवार को रुपया (Rupee) 10 पैसे की बढ़त के साथ 71.34 के स्तर पर बंद हुआ। 
-मंगलवार को रुपया (Rupee) 16 पैसे घटकर 71.44 के स्तर पर बंद हुआ।
 -रुपया (Rupee) सोमवार को 10 पैसे कमजोर होकर 71.28 के स्तर पर बंद हुआ है।
 -शुक्रवार को रुपया (Rupee) 14 पैसे कमजोर होकर 71.18 के स्तर पर बंद हुआ है। 
-रुपये गुरुवार को 20 पैसे बढ़कर 71.05 के स्तर पर बंद हुआ है।

क्यों होता है रुपया कमजोर या मजबूत 
रुपये (Rupee) की कीमत पूरी तरह इसकी मांग एवं आपूर्ति पर निर्भर करती है। इस पर आयात एवं निर्यात का भी असर पड़ता है। दरअसल हर देश के पास दूसरे देशों की मुद्रा का भंडार होता है, जिससे वे लेनदेन यानी सौदा (आयात-निर्यात) करते हैं। इसे विदेशी मुद्रा भंडार कहते हैं। समय-समय पर इसके आंकड़े रिजर्व बैंक की तरफ से जारी होते हैं। विदेशी मुद्रा भंडार के घटने और बढ़ने से ही उस देश की मुद्रा पर असर पड़ता है। अमेरिकी डॉलर (dollar) को वैश्विक करेंसी का रुतबा हासिल है। इसका मतलब है कि निर्यात की जाने वाली ज्यादातर चीजों का मूल्य डॉलर (dollar) में चुकाया जाता है। यही वजह है कि डॉलर के मुकाबले रुपये (Rupee) की कीमत से पता चलता है कि भारतीय मुद्रा मजबूत है या कमजोर। अमेरिकी डॉलर (dollar) को वैश्विक करेंसी इसलिए माना जाता है, क्योंकि दुनिया के अधिकतर देश अंतर्राष्ट्रीय कारोबार में इसी का प्रयोग करते हैं। यह अधिकतर जगह पर आसानी से स्वीकार्य है।
आप पर क्या असर 
भारत अपनी जरूरत का करीब 80% पेट्रोलियम उत्पाद आयात करता है। डॉलर (dollar) के मुकाबले रुपये (Rupee) में गिरावट से पेट्रोलियम उत्पादों का आयात महंगा हो जाएगा। इस वजह से तेल कंपनियां पेट्रोल-डीजल के भाव बढ़ा सकती हैं। डीजल के दाम बढ़ने से माल ढुलाई बढ़ जाएगी, जिसके चलते महंगाई बढ़ सकती है। इसके अलावा, भारत बड़े पैमाने पर खाद्य तेलों और दालों का भी आयात करता है। रुपये (Rupee) की कमजोरी से घरेलू बाजार में खाद्य तेलों और दालों की कीमतें बढ़ सकती हैं।

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Wednesday, 30 January 2019

रुपये में लौटी कमजोरी, 25 पैसे टूटकर 71.36 पर खुला

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विदेशी मुद्रा बाजार (Forex Market) में पिछले 10 दिनों की चाल 
-मंगलवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 1 पैसे की कमजोरी के साथ 71.11 के स्तर पर बंद हुआ।
 -सोमवार को रुपया (Rupee) डॉलर के मुकाबले 8 पैसे बढ़कर 71.10 के स्तर पर बंद हुआ है। 
-शुक्रवार को रुपया (Rupee) डॉलर (dollar) के मुकाबले 11 पैसे टूटकर 71.18 के स्तर पर बंद हुआ है। 
-गुरुवार को रुपया (Rupee) 27 पैसे बढ़कर 71.07 के स्तर पर बंद हुआ। 
-बुधवार को रुपया (Rupee) 10 पैसे की बढ़त के साथ 71.34 के स्तर पर बंद हुआ। 
-मंगलवार को रुपया (Rupee) 16 पैसे घटकर 71.44 के स्तर पर बंद हुआ।
 -रुपया (Rupee) सोमवार को 10 पैसे कमजोर होकर 71.28 के स्तर पर बंद हुआ है।
 -शुक्रवार को रुपया (Rupee) 14 पैसे कमजोर होकर 71.18 के स्तर पर बंद हुआ है।
 -रुपये गुरुवार को 20 पैसे बढ़कर 71.05 के स्तर पर बंद हुआ है।
 -रुपया (Rupee) बुधवार को 20 पैसे टूटकर 71.24 के स्तर पर बंद हुआ।

कभी एक रुपये में मिलता था 1 डॉलर 
एक जमाना था जब अपना रुपया (Rupee) डॉलर (dollar) को जबरदस्त टक्कर दिया करता था। जब भारत 1947 में आजाद हुआ तो डॉलर और रुपये का दाम बराबर का था। मतलब एक डॉलर (dollar) बराबर एक रुपया था। तब देश पर कोई कर्ज भी नहीं था। फिर जब 1951 में पहली पंचवर्षीय योजना लागू हुई तो सरकार ने विदेशों से कर्ज लेना शुरू किया और फिर रुपये (Rupee) की साख भी लगातार कम होने लगी। 1975 तक आते-आते तो एक डॉलर की कीमत 8 रुपये (Rupee) हो गई और 1985 में डॉलर का भाव हो गया 12 रुपये। 1991 में नरसिम्हा राव के शासनकाल में भारत ने उदारीकरण की राह पकड़ी और रुपया भी धड़ाम गिरने लगा। तब से विदेश मुद्रा बाजार (Forex Market) में रुपया कमजोर ही है।

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Tuesday, 29 January 2019

रुपया 4 पैसे घटकर 71.14 के स्तर पर खुला

विदेश मुद्रा बाजार (Forex Market) में डॉलर (dollar) के मुकाबले मंगलवार को रुपया (Rupee) 4 पैसे की कमजोरी के साथ 71.14 रुपये के स्तर पर खुला है। वहीं रुपये में सोमवार को मजबूती देखने को मिली थी। डॉलर के मुकाबले रुपया कल 8 पैसे की बढ़त के साथ 71.10 के स्तर पर बंद हुआ था।
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विदेशी मुद्रा बाजार (Forex Market) में पिछले 10 दिनों की चाल 
-सोमवार को रुपया (Rupee) डॉलर के मुकाबले 8 पैसे बढ़कर 71.10 के स्तर पर बंद हुआ है। 
-शुक्रवार को रुपया (Rupee) डॉलर (dollar) के मुकाबले 11 पैसे टूटकर 71.18 के स्तर पर बंद हुआ है। 
-गुरुवार को रुपया (Rupee) 27 पैसे बढ़कर 71.07 के स्तर पर बंद हुआ। 
-बुधवार को रुपया (Rupee) 10 पैसे की बढ़त के साथ 71.34 के स्तर पर बंद हुआ।
 -मंगलवार को रुपया (Rupee) 16 पैसे घटकर 71.44 के स्तर पर बंद हुआ।
 -रुपया (Rupee) सोमवार को 10 पैसे कमजोर होकर 71.28 के स्तर पर बंद हुआ है। 
-शुक्रवार को रुपया (Rupee) 14 पैसे कमजोर होकर 71.18 के स्तर पर बंद हुआ है। 
-रुपये गुरुवार को 20 पैसे बढ़कर 71.05 के स्तर पर बंद हुआ है।
 -रुपया (Rupee) बुधवार को 20 पैसे टूटकर 71.24 के स्तर पर बंद हुआ।
 -रुपया (Rupee) मंगलवार को 11 पैसे टूटकर 71.04 के स्तर पर बंद हुआ।

आजादी के समय रुपये का स्तर
 एक जमाना था जब अपना रुपया (Rupee) डॉलर (dollar) को जबरदस्त टक्कर दिया करता था। जब भारत 1947 में आजाद हुआ तो डॉलर और रुपये का दाम बराबर का था। मतलब एक डॉलर (dollar) बराबर एक रुपया था। तब देश पर कोई कर्ज भी नहीं था। फिर जब 1951 में पहली पंचवर्षीय योजना लागू हुई तो सरकार ने विदेशों से कर्ज लेना शुरू किया और फिर रुपये (Rupee) की साख भी लगातार कम होने लगी। 1975 तक आते-आते तो एक डॉलर की कीमत 8 रुपये (Rupee) हो गई और 1985 में डॉलर का भाव हो गया 12 रुपये। 1991 में नरसिम्हा राव के शासनकाल में भारत ने उदारीकरण की राह पकड़ी और रुपया भी धड़ाम गिरने लगा। तब से विदेश मुद्रा बाजार (Forex Market) में रुपया कमजोर ही है।
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Monday, 28 January 2019

18 पैसे मजबूत होकर 71.00 पर खुला रुपया

विदेश मुद्रा बाजार (Forex Market) में डॉलर (dollar) के मुकाबले सोमवार को रुपये (Rupee) की शुरुआत मजबूती के साथ हुई। डॉलर के मुकाबले रुपया (Rupee) आज 18 पैसे की बढ़त के साथ 71.00 के स्तर पर खुला है। हालांकि पिछले कारोबारी दिन यानि शुक्रवार को रुपये (Rupee) में कमजोरी आई थी। शुक्रवार को डॉलर (dollar) के मुकाबले रुपया 12 पैसे टूटकर 71.18 के स्तर पर बंद हुआ था।

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विदेशी मुद्रा बाजार (Forex Market) में बीतों 10 दिनों का हाल 
-शुक्रवार को रुपये (Rupee) डॉलर (dollar) के मुकाबले 11 पैसे टूटकर 71.18 के स्तर पर बंद हुआ है।
 -गुरुवार को रुपया (Rupee) 27 पैसे बढ़कर 71.07 के स्तर पर बंद हुआ। 
-बुधवार को रुपया (Rupee) 10 पैसे की बढ़त के साथ 71.34 के स्तर पर बंद हुआ। 
-मंगलवार को रुपया (Rupee) 16 पैसे घटकर 71.44 के स्तर पर बंद हुआ। 
-रुपया (Rupee) सोमवार को 10 पैसे कमजोर होकर 71.28 के स्तर पर बंद हुआ है। 
-शुक्रवार को रुपया (Rupee) 14 पैसे कमजोर होकर 71.18 के स्तर पर बंद हुआ है।
 -रुपये गुरुवार को 20 पैसे बढ़कर 71.05 के स्तर पर बंद हुआ है।
 -
रुपया (Rupee) बुधवार को 20 पैसे टूटकर 71.24 के स्तर पर बंद हुआ।
 -रुपया (Rupee) मंगलवार को 11 पैसे टूटकर 71.04 के स्तर पर बंद हुआ। 
-रुपया (Rupee) सोमवार को 43 पैसे टूटकर 70.93 के स्तर पर बंद हुआ

क्यों होता है रुपया कमजोर या मजबूत 
विदेश मुद्रा बाजार (Forex Market) में रुपया (Rupee) की कीमत पूरी तरह इसकी मांग एवं आपूर्ति पर निर्भर करती है। इस पर आयात एवं निर्यात का भी असर पड़ता है। दरअसल हर देश के पास दूसरे देशों की मुद्रा का भंडार होता है, जिससे वे लेनदेन यानी सौदा (आयात-निर्यात) करते हैं। इसे विदेशी मुद्रा भंडार कहते हैं। समय-समय पर इसके आंकड़े रिजर्व बैंक की तरफ से जारी होते हैं। विदेशी मुद्रा भंडार के घटने और बढ़ने से ही उस देश की मुद्रा पर असर पड़ता है। अमेरिकी डॉलर (dollar) को वैश्विक करेंसी का रुतबा हासिल है। इसका मतलब है कि निर्यात की जाने वाली ज्यादातर चीजों का मूल्य डॉलर (dollar) में चुकाया जाता है। यही वजह है कि डॉलर के मुकाबले रुपया (Rupee) की कीमत से पता चलता है कि भारतीय मुद्रा मजबूत है या कमजोर। अमेरिकी डॉलर (dollar) को वैश्विक करेंसी इसलिए माना जाता है, क्योंकि दुनिया के अधिकतर देश अंतर्राष्ट्रीय कारोबार में इसी का प्रयोग करते हैं। यह अधिकतर जगह पर आसानी से स्वीकार्य है।


आप पर क्या असर
 विदेश मुद्रा बाजार (Forex Market) में रुपये की घटती बढ़ती वैल्यू के देश का नुकसान और फायदा होता है। भारत अपनी जरूरत का करीब 80% पेट्रोलियम उत्पाद आयात करता है। रुपया (Rupee) में गिरावट से पेट्रोलियम उत्पादों का आयात महंगा हो जाएगा। इस वजह से तेल कंपनियां पेट्रोल-डीजल के भाव बढ़ा सकती हैं। डीजल के दाम बढ़ने से माल ढुलाई बढ़ जाएगी, जिसके चलते महंगाई बढ़ सकती है। इसके अलावा, भारत बड़े पैमाने पर खाद्य तेलों और दालों का भी आयात करता है। रुपया (Rupee) की कमजोरी से घरेलू बाजार में खाद्य तेलों और दालों की कीमतें बढ़ सकती हैं।

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Friday, 25 January 2019

डॉलर के मुकाबले शुक्रवार को रुपया 7 पैसे मजबूत खुला

डॉलर के मुकाबले रुपये की शुरुआत आज भी बढ़त के साथ हुई है, रुपया आज 7 पैसे की बढ़त के साथ 71.00 के स्तर पर खुला है। रुपये में कल भी मजबूती आई थी। डॉलर के मुकाबले रुपया कल 27 पैसे बढ़कर 71.07 के स्तर पर बंद हुआ था।
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The Indian rupee breached its key level of 71/$ and appreciated 12 paise to trade at 70.95 against the dollar. The currency opened 4 paise higher at 71.03/$ compared to its previous close of 71.07/$.

At 10:10AM IST, the domestic unit was trading at 71.07/$. On Thursday, the currency appreciated 26 paise.

The appreciation is on the back of declining crude oil prices and a weak dollar. Crude oil prices dropped on Thursday as data released by the Energy Information Administration (EIA) showed that the US crude oil inventories went up by 8mn barrels in the week to January 18.

Further, the early gains in the domestic equity market also kept the rupee elevated. Equity benchmark indices opened higher on Friday taking firm cues from Asian peers. Reliance Industries, Yes Bank, TCS, HDFC, and ITC were among the major contributors in today’s session.
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Thursday, 24 January 2019

रुपये में बढ़त जारी, 7 पैसे चढ़कर 71.27 पर खुला

Forex Market : विदेशी मुद्रा बाजार (Forex Market) में डॉलर (dollar) के मुकाबले रुपया (Rupee) गुरुवार को हल्की बढ़त के साथ खुला। आज डॉलर (dollar) के मुकाबले रुपया (Rupee) 7 पैसे की बढ़त के साथ 71.27 के स्तर पर खुला है। डॉलर (dollar) के मुकाबले रुपये में बुधवार को भी तेजी देखने को मिली थी और यह 10 पैसे की बढ़त के साथ 71.34 के स्तर पर बंद हुआ था। हालांकि आज शेयर बाजार में गिरावट के साथ शुरुआत हुई है। आज सेंसेक्स करीब 60 अंक की गिरावट के साथ 36041.86 अंक के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
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बीतों दिनों का हाल 
-बुधवार को रुपया (Rupee) 10 पैसे की बढ़त के साथ 71.34 के स्तर पर बंद हुआ।
 -मंगलवार को रुपया (Rupee) 16 पैसे घटकर 71.44 के स्तर पर बंद हुआ।
 -रुपया (Rupee) सोमवार को 10 पैसे कमजोर होकर 71.28 के स्तर पर बंद हुआ है।
 -शुक्रवार को रुपया (Rupee) 14 पैसे कमजोर होकर 71.18 के स्तर पर बंद हुआ है। 
-रुपये गुरुवार को 20 पैसे बढ़कर 71.05 के स्तर पर बंद हुआ है।
 -रुपया (Rupee) बुधवार को 20 पैसे टूटकर 71.24 के स्तर पर बंद हुआ। 
-रुपया (Rupee) मंगलवार को 11 पैसे टूटकर 71.04 के स्तर पर बंद हुआ।
 -रुपया (Rupee) सोमवार को 43 पैसे टूटकर 70.93 के स्तर पर बंद हुआ।

डिमांड सप्लाई तय करता है भाव
करेंसी एक्सपर्ट के अनुसार रुपये रुपये (Rupee) की कीमत पूरी तरह इसकी डिमांड और सप्लाई पर निर्भर करती है। इंपोर्ट और एक्सपोर्ट का भी इस पर असर पड़ता है। हर देश के पास उस विदेशी मुद्रा का भंडार होता है, जिसमें वो लेन-देन करता है। विदेशी मुद्रा भंडार के घटने और बढ़ने से ही उस देश की मुद्रा की चाल तय होती है। अमरीकी डॉलर डॉलर (dollar) को वैश्विक करेंसी का रुतबा हासिल है और ज्यादातर देश इंपोर्ट का बिल डॉलर में ही चुकाते हैं।

पहली वजह है तेल के बढ़ते दाम 
रुपये (Rupee) के लगातार कमजोर होने का सबसे बड़ा कारण कच्चे तेल के बढ़ते दाम हैं। भारत कच्चे तेल के बड़े इंपोर्टर्स में एक है। भारत ज्यादा तेल इंपोर्ट करता है और इसका बिल भी उसे डॉलर डॉलर (dollar) में चुकाना पड़ता है।
दूसरी वजह विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजारों में अक्सर जमकर बिकवाली करते हैं। जब ऐसा होता है तो रुपये (Rupee) पर दबाव बनता है और यह डॉलर डॉलर (dollar) के मुकाबले टूट जाता है।

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Wednesday, 23 January 2019

Rupee appreciates 29 paise; trades at 71.21/$

On Tuesday, the domestic unit skidded 16 paise against the dollar amid heavy selling pressure in domestic equities.
 capitalstarsThe Indian rupee has appreciated 29 paise on Wednesday to open at 71.19 against the dollar compared to its previous close of 71.44/$.

At 10:40AM IST the domestic unit was trading at 71.21 against the dollar.

The appreciation is on the back of a weak dollar. The greenback was under pressure against its major peers amid concerns regarding slowing global economic growth. Further, unsolved trade disputes between the US and China also kept the dollar under pressure.

Moreover, easing crude oil prices in global markets also kept the rupee elevated. International benchmarks for oil, Brent and West Texas Intermediate (WTI), dropped ~2% each on global demand growth worries.

On Tuesday, the domestic unit slid 16 paise against the dollar amid heavy selling pressure in domestic equities.

Meanwhile, equity benchmark indices were trading in the red with the Sensex declining 28 points at 36,416 levels. Nifty also dipped 2 points to trade at 10,921 levels.
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